संस्कृति मंत्री के अनुसार, वितरित राष्ट्रीय सांस्कृतिक सहायता (एनकेए) अनुदानों में से दो अरब पचास करोड़ फ़ोरिंट से अधिक वापस प्राप्त हो चुका है। उन्होंने आरटीएल को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि यह राशि कुल वितरित अनुदान का 10-15 प्रतिशत है, लेकिन यह और भी अधिक हो सकती है। यह वापसी उन परियोजनाओं से जुड़ी है जिन्हें अनुदान प्राप्त हुआ था लेकिन संतोषजनक ढंग से पूरा नहीं किया गया। सरकार इस मामले की गहन जांच कर रही है और अधिक धनराशि वापस प्राप्त करने की उम्मीद कर रही है। इस कदम का उद्देश्य सार्वजनिक धन का उचित उपयोग सुनिश्चित करना और अनुदान प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना है। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि धन का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में आगे की जांच जारी है।