हंगरी में २५ राजदूतों को उनके पद से हटा दिया गया है, जिससे कूटनीतिक स्तर पर बड़ा बदलाव आया है। कुछ राजनयिकों को पुरस्कार स्वरूप बेहतर स्थानों पर भेजा गया है, जबकि कुछ को हटाया जाना, ऑर्बन की विदेश नीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों से मुक्ति का संकेत देता है। यह फेरबदल हंगरी की विदेश नीति की दिशा में बदलाव का संकेत हो सकता है। माना जा रहा है कि सरकार अपने राजनयिक प्रतिनिधित्व को पुनर्गठित कर रही है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय संबंधों और हंगरी की विदेश नीति रणनीतियों पर असर पड़ सकता है। यह बदलाव ऑर्बन सरकार के लिए एक नई विदेश नीति दृष्टिकोण अपनाना भी दर्शा सकता है। इस निर्णय के पीछे के सटीक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से हंगरी के राजनयिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटना है।