जून 2023 में येवगेनी प्रिगोझिन के विद्रोह के दौरान, हंगरी के पूर्व विदेश मंत्री पीटर सिज्जार्टो ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से टेलीफोन पर संपर्क किया। सिज्जार्टो ने रूस को सहायता प्रदान करने की पेशकश की, यदि राष्ट्रपति पुतिन को देश छोड़ने की आवश्यकता होती है। लावरोव ने उन्हें आश्वासन दिया कि रूसी सेना स्थिति पर नियंत्रण रखती है। यह जानकारी VSquare नामक एक जांच पोर्टल द्वारा प्रकाशित की गई है। इस बातचीत का उद्देश्य रूस में उत्पन्न संकट के दौरान हंगरी की संभावित भूमिका पर चर्चा करना था। हालांकि, लावरोव ने स्थिति को नियंत्रण में होने का संकेत दिया, जिससे सहायता की तत्काल आवश्यकता नहीं रही। इस घटना ने हंगरी और रूस के बीच संबंधों पर प्रकाश डाला है।
