हंगरी ने यूक्रेन की यूरोपीय संघ में शामिल होने की प्रक्रिया में आगे बढ़ने से रोक रखा है। विदेश मंत्री अनीता ओर्बन के अनुसार, हंगरी सरकार यूक्रेन से कुछ शर्तों के पूरे होने की अपेक्षा करती है, तभी वह अपना वीटो वापस लेने पर विचार करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन को क्या करना है, इसकी जानकारी कीव को है। हंगरी का यह रुख यूक्रेन के EU सदस्यता वार्ता में अड़चन पैदा कर रहा है। फिलहाल, हंगरी अपनी शर्तों पर कायम है और जब तक वे पूरी नहीं होती, तब तक वीटो हटाने का कोई संकेत नहीं दे रहा है। यह स्थिति यूक्रेन की यूरोपीय संघ में शामिल होने की महत्वाकांक्षाओं के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस मामले में आगे की बातचीत और समझौते की आवश्यकता है।