हंगरी की संसद ने एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत प्रधानमंत्री का कार्यकाल अधिकतम आठ साल तक सीमित कर दिया गया है। यह संशोधन पीटर मग्यार के उस वादे को पूरा करता है जिसमें उन्होंने विक्टर ओर्बन को फिर से प्रधानमंत्री बनने से रोकने की बात कही थी। इस बदलाव के परिणामस्वरूप, ओर्बन अब लगातार प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए पात्र नहीं रहेंगे। यह संशोधन हंगरी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि यह कदम विशेष रूप से ओर्बन को लक्षित करता है, जबकि समर्थकों का तर्क है कि यह सत्ता के केंद्रीकरण को रोकने के लिए आवश्यक है। नए नियम के अनुसार, कोई भी व्यक्ति लगातार दो से अधिक बार प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। इस संशोधन से हंगरी में राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव आने की संभावना है।
