वर्ष के पहले पाँच महीनों में हंगरी ने रूसी पाइपलाइन प्राकृतिक गैस पर भारी खर्च किया। यह यूरोपीय संघ में रूसी पाइपलाइन गैस का सबसे बड़ा उपभोक्ता बनकर उभरा है। इस ख़बर से ऊर्जा सुरक्षा और यूरोपीय संघ की नीतियों पर सवाल उठ रहे हैं। हंगरी की यह नीति, रूस पर उसकी निर्भरता को दर्शाती है, जो यूरोपीय संघ के अन्य देशों के लिए चिंता का विषय है। यह यूरोपीय संघ के ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण के प्रयासों के विपरीत है। इस विषय पर और जानकारी दैनिक समाचार हंगरी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। यह स्थिति भू-राजनीतिक तनावों के बीच ऊर्जा बाज़ार को प्रभावित कर सकती है।