यूरोपीय संघ में यूक्रेन की सदस्यता की प्रक्रिया में एक बार फिर अड़चनें आ गई हैं। हंगरी ने यूरोपीय परिषद और आयोग को संयुक्त पत्र भेजने का विरोध किया है, जिसके लिए सभी 27 सदस्य देशों की सहमति आवश्यक थी। इस विरोध के कारण, यूक्रेन की सदस्यता के लिए निर्धारित मध्य-जुलाई की समय-सीमा पर खतरा मंडराने लगा है। हंगरी के इस कदम से यूक्रेन की यूरोपीय संघ में शामिल होने की राह और कठिन हो गई है। कीव ने इस फैसले पर निराशा व्यक्त की है और हंगरी से अपनी स्थिति पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है। यूरोपीय संघ के अन्य सदस्य देशों ने भी हंगरी के इस रुख पर चिंता जताई है। इस मामले में आगे की बातचीत की संभावना है, लेकिन फिलहाल यूक्रेन की सदस्यता की प्रक्रिया अनिश्चित बनी हुई है।