हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने देश में प्रवासन की स्थिति को देखते हुए आपातकाल को बढ़ा दिया है। यह कदम यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ चल रहे विवाद के बीच उठाया गया है, जिसमें हंगरी पर प्रवासन नीतियों को लेकर अरबों यूरो का जुर्माना लगाया गया है। ओरबान ने ब्रुसेल्स पर राजनीतिक दबाव बनाने और इन जुर्मानों को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। हंगरी सरकार का कहना है कि वह अपनी सीमाओं की रक्षा करने और अवैध प्रवासन को रोकने के लिए दृढ़ है। इस निर्णय से ईयू और हंगरी के बीच तनाव बढ़ने की संभावना है। ओरबान ने जोर देकर कहा कि हंगरी अपनी संप्रभुता की रक्षा करेगा और ईयू की नीतियों के आगे नहीं झुकेगा जो उसे स्वीकार्य नहीं हैं। इस आपातकाल से सरकार को प्रवासन से निपटने के लिए अतिरिक्त अधिकार प्राप्त होंगे।