हंगरी सरकार ने ‘बड़े प्रवास संकट’ संबंधी उपायों को 2026 के अंत तक जारी रखने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान ने देश की सीमा पर सख्त नियम बनाए रखने की कसम खाई है। सरकार का मानना है कि प्रवास की स्थिति अभी भी गंभीर है और इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है। इस निर्णय का उद्देश्य अवैध प्रवास को रोकना और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विपक्ष ने इस कदम की आलोचना करते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है। सरकार का कहना है कि यह कदम हंगरी की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए आवश्यक है। आगे आने वाले वर्षों में भी हंगरी अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।