हंगरी सरकार ने ईंधन की कीमतों पर लगाई गई सीमा को धीरे-धीरे हटाने का निर्णय लिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब कुछ पेट्रोल पंपों पर कीमतें पहले से ही निर्धारित सीमा से कम हो गई हैं। सरकार का यह फैसला बाजार की स्थितियों के अनुरूप है और माना जा रहा है कि इससे कीमतों में स्थिरता आएगी। पहले, ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण के कारण उपभोक्ताओं को राहत मिली थी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बाजार में विकृति पैदा हो रही थी। अब, सरकार का लक्ष्य है कि बाजार आधारित मूल्य निर्धारण प्रणाली को प्रोत्साहित किया जाए। इस बदलाव से ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना है, लेकिन प्रतिस्पर्धा बढ़ने से उपभोक्ताओं को लाभ होने की उम्मीद है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि वह बाजार की निगरानी करती रहेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कीमतों में कोई अनुचित वृद्धि न हो।