हंगरी ने यूक्रेन और मोल्दोवा को यूरोपीय संघ में शामिल करने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण कदम को रोक दिया है। प्रधानमंत्री पीटर मग्यार के नेतृत्व वाली हंगरी सरकार के इस फैसले से दोनों देशों की सदस्यता में देरी हो सकती है। हंगरी का मानना है कि कीव के साथ जल्दबाजी में बातचीत करना पश्चिमी बाल्कन देशों के लिए एक नकारात्मक संकेत होगा। इस वीटो से यूक्रेन की यूरोपीय संघ में शामिल होने की उम्मीदें फिलहाल अनिश्चित हो गई हैं। हंगरी ने अभी तक अपने फैसले के पीछे के विशिष्ट कारणों का खुलासा नहीं किया है, लेकिन यह माना जा रहा है कि यह पश्चिमी बाल्कन देशों के प्रति उसकी चिंताओं से जुड़ा है। इस घटनाक्रम से यूरोपीय संघ के भीतर राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है।
