यूरोपीय संघ में यूक्रेन और मोल्दोवा की सदस्यता प्रक्रिया में हंगरी ने अड़चनें खड़ी कर दी हैं। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, हंगरी सरकार ही एकमात्र ऐसी सरकार है जिसने सभी सदस्यता अध्यायों को खोलने के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। इस कदम से दोनों देशों की यूरोपीय संघ में शामिल होने की राह मुश्किल हो सकती है। अन्य सदस्य देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था, लेकिन हंगरी के विरोध के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। फिलहाल, सदस्यता प्रक्रिया पर आगे की चर्चा अनिश्चित है। यह निर्णय यूरोपीय संघ के भीतर भू-राजनीतिक तनावों को दर्शाता है। हंगरी के इस रुख के पीछे के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन यह पूर्वी यूरोप में यूरोपीय संघ की विस्तार नीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।