हंगरी की विदेश मंत्री अनीता ओर्बान ने संसद की विदेश मामलों की समिति को हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों से अवगत कराया। उन्होंने हंगरी और यूक्रेन के बीच हुए एक समझौते के बारे में जानकारी दी। हालांकि, हंगरी के प्रधानमंत्री और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच संभावित बैठक की कोई निश्चित तारीख़ अभी तक तय नहीं हो पाई है। ओर्बान ने सरकार के कामकाज के शुरुआती हफ्तों में हुई विदेश नीति से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी चर्चा की। यह समझौता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, लेकिन आगे की बातचीत ज़रूरी है। बैठक की तारीख़ पर अनिश्चितता दोनों देशों के संबंधों में सावधानी बरतने का संकेत देती है। हंगरी सरकार इस मामले में आगे की प्रगति के लिए प्रयासरत है।