हंगरी सरकार ने किंग चार्ल्स तृतीय को उपहार में दिए गए दो लिपिज़नर घोड़ों के संबंध में एक “शर्मनाक भूल” स्वीकार की है। यह मामला तब सामने आया जब यह पता चला कि घोड़ों का स्वामित्व विवादित था। सरकार ने स्वीकार किया कि घोड़ों की पृष्ठभूमि की पर्याप्त जांच नहीं की गई थी। इस भूल के कारण हंगरी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। सरकार ने इस मामले को ठीक करने के लिए ब्रिटिश शाही परिवार के साथ मिलकर काम करने की पेशकश की है। यह घटना हंगरी और यूनाइटेड किंगडम के बीच संबंधों में एक अजीब मोड़ लेकर आई है। उम्मीद है कि यह मुद्दा जल्द ही सुलझा लिया जाएगा और दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत होंगे।

English
Français
Español
हिन्दी
中文