नौवीं सदी में हंगेरियन जनजातियाँ यूरोप में पहुंचीं और उन्होंने व्यापक लूटपाट शुरू कर दी। 910 ईस्वी में, फ्रैंकिश सेना के साथ ऑग्स्बर्ग के पास हुई लड़ाई में हंगेरियन सेना ने अपनी कुशल रणनीति का उपयोग करके विजय प्राप्त की। इस जीत के बाद, उन्होंने जर्मनी में घुसपैठ जारी रखी और फ्रांस तक अपना प्रभाव बढ़ाया। हंगेरियन आक्रमणों ने पश्चिमी यूरोप में व्यापक भय और अस्थिरता पैदा कर दी। उनकी लूटपाट का दायरा जर्मनी और फ्रांस के अलावा स्पेन तक भी फैला। इतिहासकारों का मानना है कि हंगेरियन आक्रमणों ने यूरोपीय राजनीतिक परिदृश्य को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित किया। इन आक्रमणों ने स्थानीय शासकों को अपनी रक्षा प्रणालियों को मजबूत करने के लिए मजबूर किया।