नई सरकार से सरकारी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का बेसब्री से इंतजार है, जैसा कि तिस्ज़ा ने वादा किया था। हालाँकि, देश की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और सरकार को बजट घाटे को कम करने के लिए काम करना होगा। कर्मचारी लगातार बढ़ती महंगाई और जीवन यापन की लागत के कारण वेतन वृद्धि के लिए दबाव बना रहे हैं। वे सरकार द्वारा दिए गए वादों के पूरा न होने पर निराशा व्यक्त कर रहे हैं। स्थिति ऐसी है कि यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला तो असंतोष बढ़ने की आशंका है। सरकार पर अब जल्द ही इस मामले में कोई ठोस कदम उठाने का दबाव है ताकि कर्मचारियों का विश्वास बना रहे। यह स्थिति सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।