हंगरी के राष्ट्रपति भवन ने संविधान में संशोधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसके तहत राष्ट्रपति को पद से हटाने का प्रावधान किया गया है। राष्ट्रपति भवन ने कानून के शासन का सम्मान करने की आवश्यकता पर बल दिया है। साथ ही, संसद में बहुमत रखने वाली पार्टी को सत्ता का मनमाना प्रयोग करने से आगाह किया गया है। यह प्रतिक्रिया संवैधानिक बदलावों के बाद आई है, जिससे राष्ट्रपति की भूमिका और शक्तियों पर असर पड़ सकता है। राष्ट्रपति भवन ने इस कदम को लेकर चिंता व्यक्त की है और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की है। यह घटना हंगरी की राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि यह सत्ता के संतुलन को प्रभावित कर सकती है। सरकार और राष्ट्रपति भवन के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।
