हंगरी के राष्ट्रपति सुलयोक ने प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल को सीमित करने वाले संवैधानिक संशोधन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह संशोधन प्रधान मंत्री के लगातार कार्यकाल की संख्या को सीमित करता है, हालांकि विशिष्ट विवरण अभी भी स्पष्ट नहीं हैं। राष्ट्रपति ने इस कदम को यूरोपीय और वैश्विक स्तर पर लगभग अद्वितीय बताया है। यह बदलाव हंगरी की राजनीतिक प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है, जो लंबे समय से सत्ता में बैठे प्रधानमंत्रियों पर अंकुश लगाने का प्रयास करता है। आलोचकों का तर्क है कि यह संशोधन लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह सत्ता के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा। इस कानून के लागू होने के बाद, भविष्य के प्रधानमंत्रियों को कार्यकाल की सीमाओं का पालन करना होगा। इस संशोधन से हंगरी की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना है।