हंगरी के राष्ट्रपति, तामस सुल्याक ने शनिवार को संविधान संशोधन पर हस्ताक्षर किए, जिसके परिणामस्वरूप वह स्वचालित रूप से अपने पद से हट गए। प्रधानमंत्री पीटर मग्यार (तिसा) ने इस कदम का स्वागत किया है, क्योंकि उन्होंने राष्ट्रपति को पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन (फिडेस) की कठपुतली बताया था। इस संशोधन के साथ, हंगरी में राष्ट्रपति पद की भूमिका में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। यह कदम प्रधानमंत्री मग्यार को राजनीतिक रूप से मजबूत करता है, और ओर्बन के प्रभाव को कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रपति सुल्याक का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा, और उन पर पूर्व सरकार के प्रति निष्ठा रखने का आरोप लगाया गया था। नए संविधान संशोधन के निहितार्थ अभी भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि हंगरी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया है। यह घटना हंगरी की राजनीतिक परिदृश्य में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देती है।