हंगरी के राष्ट्रपति, तामás सुलयोक ने कहा है कि उन्हें इस्तीफा देने का कोई कारण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने अभी तक उन्हें पद से हटाने के लिए कोई वैध सार्वजनिक कारण नहीं बताया है। यह प्रतिक्रिया एक प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन के संदर्भ में आई है जिसका उद्देश्य उन्हें हटाना है। सुलयोक का कहना है कि यह संशोधन कानून के शासन के अनुरूप नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे पद पर बने रहेंगे जब तक कि कोई वैध आधार पेश न किया जाए। यह घटना हंगरी में एक राजनीतिक तनाव का संकेत देती है, जहां राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच शक्ति संघर्ष चल रहा है। यह संवैधानिक संशोधन हंगरी की राजनीतिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।