हंगरी के राष्ट्रपति, सुलोयोक तामás ने सार्वजनिक पद पर आसीन व्यक्तियों को हटाने से संबंधित मौलिक कानून में संशोधन के मामले में संवैधानिक न्यायालय (AB) से संपर्क किया था। इस मामले में, न्यायालय के सात न्यायाधीशों ने स्वयं को निर्णय लेने की प्रक्रिया से अलग कर लिया। राष्ट्रपति ने इस संशोधन की वैधता पर सवाल उठाया था। न्यायाधीशों के खुद को अलग करने के कारण, मामले की सुनवाई के लिए एक अलग पीठ का गठन किया जाएगा। यह घटना हंगरी की राजनीति में महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संवैधानिक अधिकारों और सरकारी कार्यों के बीच संतुलन को दर्शाती है। इस मामले का परिणाम हंगरी के राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। संवैधानिक न्यायालय का निर्णय हंगरी के कानूनी ढांचे के लिए महत्वपूर्ण होगा।