हंगरी के राष्ट्रपति तामास सुलयोक ने प्रधानमंत्री पीटर मग्यार की सरकार पर संविधान में बदलाव की योजना के माध्यम से उन्हें पद से हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने ‘वेल्टवोचे’ को दिए साक्षात्कार में कहा कि यह कदम लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए हानिकारक है। राष्ट्रपति सुलयोक का मानना है कि प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन उन्हें हटाने के लिए एक तंत्र बनाएगा। यह आरोप हंगरी में राजनीतिक तनाव को बढ़ा सकता है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना हंगरी में सत्ता के संतुलन को लेकर एक महत्वपूर्ण विवाद पैदा कर सकती है। इस मामले पर हंगरी की राजनीति में आगे क्या होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।