हंगरी के प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ के बजट को लेकर एक सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यूरोपीय संघ का बजट हंगरी को दंडित करने के लिए नहीं, बल्कि उसकी सेवा करने के लिए होना चाहिए। यह बयान यूरोपीय संघ और हंगरी के बीच चल रहे राजनीतिक गतिरोध के बीच आया है। प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ से हंगरी के हितों का सम्मान करने और बिना शर्त के धन जारी करने का आग्रह किया है। इस मुद्दे पर आगे बातचीत होने की संभावना है, लेकिन हंगरी सरकार अपनी स्थिति पर अड़ी हुई है। यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने अभी तक इस बयान पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह स्थिति यूरोपीय संघ की एकता और हंगरी के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।