हंगरी के सांसद दल, यूडीएमआर ने तीन घंटे की चर्चा के बाद वेस्ता सरकार में शामिल न होने का फैसला किया है। यूडीएमआर के नेता, सोमा बोटोंड ने घोषणा की कि सरकार को निवेश के लिए पीएसीई जैसे अन्य समूहों के सांसदों के वोटों की भी आवश्यकता है। इस निर्णय का मतलब है कि वेस्ता सरकार को बहुमत हासिल करने के लिए अन्य दलों से समर्थन प्राप्त करना होगा। यूडीएमआर का यह कदम सरकार बनाने की प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि यूडीएमआर संसद में सरकार के लिए कैसे मतदान करेगी। इस फैसले से राजनीतिक अस्थिरता की संभावना बढ़ गई है। यूडीएमआर ने सरकार में शामिल होने के लिए अपनी शर्तों पर सहमति न होने की बात कही है।