हंगरी की संसद में तीखी बहस हुई, जहाँ पीटर मग्यार ने ‘शुद्धिकरण अभियान’ की घोषणा की। इस अभियान का उद्देश्य ‘ऑर्बन माफिया’ से निपटना है, जैसा कि उन्होंने वर्णित किया है। प्रधानमंत्री ने विपक्ष की कड़ी आलोचना की, लेकिन सत्तारूढ़ फ़ाइडेज़ पार्टी के सदस्यों ने भी मग्यार पर पलटवार किया। इस जवाबी कार्रवाई से स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। बहस के दौरान तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया गया और आरोप-प्रत्यारोप हुए। यह घटना हंगरी की राजनीति में बढ़ते ध्रुवीकरण को दर्शाती है। मग्यार के अभियान से राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है।