हंगरी की तीसरी सबसे बड़ी झील इस गर्मी में अभूतपूर्व रूप से कम जल स्तर तक पहुँच सकती है। जलवायु परिवर्तन और दशकों से चली आ रही खराब प्रबंधन नीतियों के कारण झील का जल स्तर तेज़ी से गिर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति झील के पारिस्थितिकी तंत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है। सूखे की स्थिति और उच्च तापमान ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। सरकार ने जल संरक्षण के उपाय करने शुरू कर दिए हैं, लेकिन उनका प्रभाव अभी तक स्पष्ट नहीं है। झील के आसपास के समुदायों को जल संकट और संभावित आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। यह घटना हंगरी में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरे की ओर इशारा करती है।
