हंगरी की विदेश मंत्री अनीता ओर्बान ने पुष्टि की है कि सरकार के सत्ता परिवर्तन से पहले विदेश मंत्रालय में बड़ी संख्या में दस्तावेज़ों को नष्ट कर दिया गया था। उन्होंने स्वीकार किया कि कई दस्तावेज़ों को काटा गया था। यह खुलासा पूर्व विदेश मंत्री पीटर सिज्जार्टो के नेतृत्व वाली टीम द्वारा किए गए इस कदम के बाद हुआ है। इस घटना ने हंगरी में राजनीतिक हलचल मचा दी है, क्योंकि विपक्ष ने पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं। ओर्बान ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन दस्तावेजों को नष्ट किया गया और ऐसा क्यों किया गया। यह मामला हंगरी की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, और आगे की जांच की मांग की जा रही है। इस घटना से सरकारी गोपनीयता और दस्तावेज़ प्रबंधन प्रक्रियाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।