एक नए शोध के अनुसार, हंगरी में महिला सांसदों को यौन उत्पीड़न और मनोवैज्ञानिक हिंसा का सामना करना पड़ता है, लेकिन वे इसकी रिपोर्ट नहीं करती हैं। लगभग सभी हंगेरियन महिला सांसदों ने सेक्सिज़्म से संबंधित घटनाओं का अनुभव किया है, जिसमें ऑनलाइन यौन उत्पीड़न भी शामिल है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से किसी ने भी औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। यह अध्ययन पाँच यूरोपीय देशों में किया गया था, जिसमें हंगरी का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। शोधकर्ताओं का मानना है कि हंगरी में यह स्थिति प्रधानमंत्री ओर्बन के शासनकाल के दौरान बने माहौल से जुड़ी हुई है। इस शोध से राजनीतिक क्षेत्र में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की गंभीरता और रिपोर्टिंग की कमी उजागर होती है। यह हंगेरियन राजनीतिक संस्कृति में लैंगिक समानता की कमी को भी दर्शाता है।
