हंगरी में मेडजुगोरजे से लौट रहे तीर्थयात्रियों की बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें 12 लोगों की दुखद मौत हो गई। इस घटना ने सुरक्षा और पीड़ा के अर्थ पर फिर से बहस छेड़ दी है। फादर आंद्रेज गोलेबियोव्स्की ने 'सुपर एक्सप्रेस' से बात करते हुए कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं के पीछे अक्सर मानवीय त्रुटि, थकान या चालक की क्षणिक असावधानी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भगवान द्वारा दंडित किए जाने का संकेत नहीं है। दुर्घटना की जांच जारी है और अधिकारियों ने शोक व्यक्त किया है। यह घटना तीर्थयात्रियों और उनके परिवारों के लिए गहरा सदमा है। इस त्रासदी ने यात्रा सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।