हंगरी के केंद्रीय बैंक ने एमओएल समूह पर ‘ड्रुझबा’ पाइपलाइन को हुए नुकसान और आपूर्ति में रुकावट की जानकारी समय पर न देने के कारण जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बाजार को सही जानकारी देने में विफल रहने के कारण की गई है। केंद्रीय बैंक ने कहा कि एमओएल को नुकसान की गंभीरता और संभावित परिणामों का आकलन करने और तुरंत सूचित करने की जिम्मेदारी थी। जुर्माने की राशि का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन यह कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण दंड है। इस घटना से हंगरी की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ‘ड्रुझबा’ पाइपलाइन रूसी तेल का एक प्रमुख स्रोत है। एमओएल हंगरी की सबसे बड़ी तेल और गैस कंपनी है और इस मामले में उसकी प्रतिक्रिया की बारीकी से जांच की जा रही है। यह जुर्माना कंपनियों को बाजार पारदर्शिता बनाए रखने के महत्व पर जोर देता है।