कंबोडिया के पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन और चीन के बीच घनिष्ठ संबंध रहे हैं। वे चीन के एक मजबूत और भरोसेमंद सहयोगी के रूप में जाने जाते हैं। सेन ने हमेशा ‘एक चीन नीति’ का समर्थन किया है और इसे कंबोडिया की विदेश नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। दक्षिण पूर्व एशिया में चीन के साथ कंबोडिया के संबंधों को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हाल ही में वे सीनेट के अध्यक्ष बने हैं, लेकिन उनकी चीन समर्थक नीतियों के कारण वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे हैं। उनकी विदेश नीति ने कंबोडिया को चीन के प्रभाव में ला दिया है, जिससे क्षेत्रीय भू-राजनीति पर असर पड़ा है। सेन का चीन के साथ रणनीतिक साझेदारी का लंबा इतिहास रहा है।
