एक नए ऐतिहासिक सिमुलेशन अध्ययन से पता चलता है कि मानव जाति ने कृषि के आविष्कार और बसने के बाद से कई दस हजार भाषाएँ बोली होंगी। यह शोध इस संभावना की पड़ताल करता है कि क्या 2000 से 3000 साल पहले एक “स्वर्ण युग” था जब भाषाई विविधता अपने चरम पर थी। सिमुलेशन से पता चलता है कि भाषाएँ लगातार उभरीं और विलुप्त हुईं, जिससे आज की तुलना में अतीत में कहीं अधिक भाषाओं का अस्तित्व रहा होगा। अध्ययन का लक्ष्य विभिन्न भाषाई परिवारों के विकास को समझना और मानव इतिहास पर भाषाओं के प्रभाव का विश्लेषण करना है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह मॉडल भाषा के नुकसान की वर्तमान दर को समझने और भाषाई विरासत के संरक्षण के प्रयासों को सूचित करने में मदद कर सकता है। यह निष्कर्ष भाषाई विविधता के अध्ययन में एक नया दृष्टिकोण प्रदान करते हैं।