कनाडा के शोधकर्ताओं ने अलास्का के सामन नदियों के पास मानव आवाज़ों के प्रभाव का अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि मानव आवाज़ों के कारण भालू और चील जैसे वन्यजीव भोजन क्षेत्रों से दूर हो गए। यह व्यवधान पारिस्थितिकी तंत्र में पोषक तत्वों के स्वाभाविक प्रवाह को बाधित करता है, खासकर आसपास के जंगलों में। शोध से पता चलता है कि मानव गतिविधियों का वन्यजीवों और पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिक इन महत्वपूर्ण पारिस्थितिक प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए बेहतर भूमि प्रबंधन प्रथाओं की वकालत कर रहे हैं। यह अध्ययन मानव हस्तक्षेप के कारण वन्यजीवों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर प्रकाश डालता है। निष्कर्ष बताते हैं कि संरक्षित क्षेत्रों में शोर प्रदूषण को कम करना महत्वपूर्ण है।