मानवाधिकार अधिवक्ता जावियर तरज़ोना ने 25 अगस्त को बताया कि न्यायिक अधिकारियों ने उनके खिलाफ आतंकवाद और घृणा फैलाने के आरोपों में चल रहे मुकदमे की आज की सुनवाई को स्थगित कर दिया है। उन्होंने एक नए क्षमादान कानून का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य उन अपराधों के लिए माफी प्रदान करना है जिनके लिए उन्हें आरोपित किया गया है। इसके साथ ही, पीड़ितों की क्षतिपूर्ति के लिए एक कोष स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया गया है। यह कदम विवादास्पद हो सकता है, क्योंकि क्षमादान कानून अक्सर ध्रुवीकरण का कारण बनते हैं। तरज़ोना की गिरफ्तारी और मुकदमा मानवाधिकार संगठनों द्वारा व्यापक रूप से आलोचना की गई है। यह घटनाक्रम वेनेज़ुएला में न्यायपालिका की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा पर चल रही बहस को और तेज कर सकता है। इस मामले की आगे की सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं की गई है।