मनोवैज्ञानिक पिलर सोर्डो ने 'ला नेशन' को दिए एक साक्षात्कार में जीवन के अनुभवों के सामने मानव व्यवहार के परिवर्तन और आंतरिक संवाद के महत्व पर प्रकाश डाला। उनका मानना है कि मनुष्य लगातार बदलता और विकसित होता रहता है, और परिस्थितियों के अनुसार ढलता है। सोर्डो के अनुसार, हमारा आंतरिक संवाद हमारी प्रतिक्रियाओं और व्यवहार को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह आंतरिक संवाद ही हमें विभिन्न परिस्थितियों में अनुकूलन करने और निर्णय लेने में मदद करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिवर्तन मानव स्वभाव का एक अभिन्न अंग है, और इसे स्वीकार करना महत्वपूर्ण है। यह साक्षात्कार मानव मनोविज्ञान और व्यवहार के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। सोर्डो का विश्लेषण दर्शाता है कि व्यक्ति की परिस्थितियाँ और आंतरिक विचार दोनों ही उसके व्यवहार को प्रभावित करते हैं।