इंग्लैंड में एक नए अध्ययन से पता चला है कि ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण के बाद युवा महिलाओं में गर्भाशय मुख कैंसर से होने वाली मौतें शून्य हो गई हैं। 2008 में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम शुरू होने के बाद से इस कैंसर से मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है। यह टीकाकरण कार्यक्रम 12 से 13 वर्ष की आयु की लड़कियों को लक्षित करता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेप की सफलता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। टीकाकरण के कारण गर्भाशय मुख कैंसर के पूर्व-कैंसर वाले मामलों में भी कमी आई है। यह परिणाम कैंसर की रोकथाम में टीकाकरण के महत्व को दर्शाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस सफलता को अन्य देशों में भी दोहराया जा सकता है।