यमन में हौथियों द्वारा सऊदी अरब के साथ बढ़ते जोखिम वाले टकराव के पीछे की रणनीतिक सोच पर डॉ. एलिजाबेथ केंडल ने प्रकाश डाला है। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के गिरटन कॉलेज की अध्यक्ष डॉ. केंडल का तर्क है कि हौथियों द्वारा किए जा रहे साहसिक सैन्य अभियान महज वैचारिक शत्रुता या ईरानी प्रभाव का प्रकटीकरण नहीं हैं। बल्कि, ये राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किए गए सुनियोजित प्रयास हैं। इनका उद्देश्य वैधता हासिल करना, क्षेत्रीय नियंत्रण का विस्तार करना और अपनी मोलभाव करने की शक्ति को मजबूत करना है। उनका कहना है कि हौथियों का पिछला अनुभव रहा है कि धमकियां उन्हें फायदा पहुंचाती हैं, इसलिए वे इस रणनीति का उपयोग कर रहे हैं। हौथियों का लक्ष्य यमन में अपनी स्थिति को मजबूत करना और खुद को देश के ‘वैध’ नेता के रूप में स्थापित करना है। इस रणनीति के माध्यम से वे अपने राजनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं।