हौथियों ने सऊदी अरब के सऊदी अरामको की सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ये हमले यमन में विभिन्न लक्ष्यों पर हुए हमलों के जवाब में किए गए हैं। हौथियों का दावा है कि ये हमले जवाबी कार्रवाई हैं और सऊदी अरब को यमन में अपनी सैन्य कार्रवाई के लिए कीमत चुकानी होगी। इस घटनाक्रम से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका है। सऊदी अरामको, विश्व की सबसे बड़ी तेल कंपनी है, और इन हमलों से वैश्विक तेल आपूर्ति में व्यवधान आ सकता है। अधिक जानकारी के लिए आरटी डॉट कॉम पर पूरा लेख पढ़ें। इस हमले की पुष्टि अभी तक स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है।