हौथियों ने लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमले का दावा किया है, जिससे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में खतरा पैदा हो गया है। इस हमले से सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए एक नया अवरोध उत्पन्न हो सकता है। यदि सऊदी तेल टैंकर लाल सागर के दक्षिणी जलडमरूमध्य से नहीं गुजर पाते हैं, तो उन्हें स्वेज नहर के उत्तरी मार्ग का उपयोग करना होगा। इस बदलाव से यात्रा में हफ्तों लग सकते हैं और लागत में वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह ईरान के युद्ध में एक नया मोड़ हो सकता है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ने की आशंका है। स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है और राजनयिक प्रयास जारी हैं।