इस वर्ष तीन बार ब्याज दरों में वृद्धि के कारण आवास सामर्थ्य अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है। घरों की कीमतों में गिरावट आई है, लेकिन यह ब्याज दरों में वृद्धि के वित्तीय प्रभाव को कम करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे आम लोगों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि निकट भविष्य में भी स्थिति में सुधार की संभावना कम है। ब्याज दरों में और वृद्धि होने पर यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है। सरकार इस स्थिति को सुधारने के लिए कुछ उपाय कर सकती है, लेकिन तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है। यह स्थिति विशेष रूप से पहली बार घर खरीदने वालों के लिए चुनौतीपूर्ण है।