सदन अभियोजन के एक लेखा परीक्षक-गवाह ने कल गवाही दी कि गोपनीय निधि का उपयोग करके भोजन और आपूर्ति की खरीद को वैध ठहराने के लिए आधिकारिक रसीदें जमा करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साधारण पावती रसीदें पर्याप्त नहीं हैं। गवाह ने जोर देकर कहा कि केवल आधिकारिक रसीदें ही खर्चों को सही साबित कर सकती हैं। यह बयान हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव्स में चल रही सुनवाई का हिस्सा था। यह मामला सरकारी धन के उपयोग और पारदर्शिता से संबंधित है। इस गवाही से भविष्य में इस तरह की खरीद के लिए नियमों को और सख्त किए जाने की संभावना है। सरकार पर अब जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है।