अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के बाद हर्मुज़ जलडमरूमध्य का खुलना वैश्विक स्तर पर उम्मीद की किरण लेकर आया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इससे वैश्विक आपूर्ति और ऊर्जा संकट तुरंत खत्म नहीं होगा। जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति में भारी बाधा आ रही थी। अब आवागमन शुरू होने के बावजूद, मौजूदा लॉजिस्टिक्स संकट और ऊर्जा बाजार की अस्थिरता बनी हुई है। जहाजों के लिए भीड़भाड़ और बीमा दरों में वृद्धि जैसी चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं। इस स्थिति में सुधार के लिए समय लग सकता है, क्योंकि आपूर्ति श्रृंखला को सामान्य होने में समय लगेगा। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव निकट भविष्य में बना रहेगा।
