हांगकांग में वार्षिक पुस्तक मेला आयोजित किया जा रहा है, लेकिन यह विवादों से घिरा हुआ है। आयोजकों ने दो स्वतंत्र पुस्तक भंडारों को भाग लेने से मना कर दिया है, जिससे सेंसरशिप को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। यह शहर का सबसे बड़ा पुस्तक मेला है, फिर भी हाल ही में दो अन्य स्वतंत्र पुस्तक भंडारों पर पुलिस छापों ने इस आयोजन को प्रभावित किया है। इन छापों के कारण स्वतंत्र प्रकाशकों के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आयोजकों के इस फैसले की आलोचना की जा रही है, तथा स्वतंत्र प्रकाशन को समर्थन देने वाले लोग विरोध कर रहे हैं। पुस्तक मेला शहर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और रचनात्मकता के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण बन गया है। यह घटना हांगकांग में बढ़ते राजनीतिक दबाव और सेंसरशिप के खतरे को उजागर करती है।

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