हांगकांग में पिछले वर्ष अधिकारियों द्वारा ७०० से अधिक जंगली सूअरों को मार डाला गया। सरकार द्वारा २०२१ के अंत में ‘पकड़ो और मारो’ नीति को फिर से लागू करने के बाद जंगली सूअरों की आबादी आधी हो गई है। विधायी परिषद (लेगको) के दस्तावेज के अनुसार, नवंबर २०२१ से लेकर अब तक सूअरों की संख्या में भारी गिरावट आई है। सरकार ने बंध्याकरण कार्यक्रम की बजाय सूअरों को मारने की नीति को फिर से लागू किया। यह कदम सूअरों की बढ़ती आबादी और उनसे होने वाले खतरे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह नीति आवश्यक थी क्योंकि सूअर मानव आबादी के लिए खतरा बन गए थे और उनसे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था। इस नीति के परिणामस्वरूप जंगली सूअरों की संख्या में महत्वपूर्ण कमी आई है, लेकिन यह विवादास्पद बनी हुई है।