हांगकांग की एक अदालत ने शुक्रवार को दो समर्थक लोकतंत्र कार्यकर्ताओं को 1989 के तियानमेन चौक दमन की याद में वार्षिक निगरानी आयोजित करने के आरोप में उकसावे के अपराध में दोषी ठहराया। ली च्यूक-यान और चाउ हैंग-तुंग अब विलुप्त हो चुके हांगकांग गठबंधन के नेता थे। यह मामला चीनी शहर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षण माना गया था। उन पर चीन के खिलाफ विद्रोह भड़काने का आरोप था। यह फैसला हांगकांग में राजनीतिक असंतोष के खिलाफ बढ़ते दमन का संकेत देता है। कार्यकर्ताओं को सजा की घोषणा बाद में की जाएगी, लेकिन इस फैसले से हांगकांग की नागरिक स्वतंत्रता पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। यह मामला चीन की बढ़ती पकड़ और हांगकांग की स्वायत्तता के क्षरण को दर्शाता है।