हाल ही में जारी एक अध्ययन से पता चला है कि हॉलीवुड में विविधता कम हो रही है। ‘एंटी-वोके’ नीतियों और बजट में कटौती के कारण स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ हो रही फिल्मों में महिलाओं और ‘रेशियलाइज्ड’ (जातीय अल्पसंख्यकों) का प्रतिनिधित्व घट रहा है। अध्ययन में पाया गया है कि विविधता को बढ़ावा देने वाली पहलें कमजोर हो गई हैं, जिससे स्क्रीन पर समावेशिता कम हो गई है। बजट में कमी के कारण, स्टूडियो अब विविधतापूर्ण कहानियों और कलाकारों पर निवेश करने में हिचकिचा रहे हैं। इस प्रवृत्ति से हॉलीवुड में समावेशिता और समानता के लिए किए गए पिछले प्रयासों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव दर्शकों की पसंद और फिल्म उद्योग की सामाजिक जिम्मेदारी दोनों के लिए चिंताजनक है।
