बीते मध्यरात्रि में पुलिस और बचाव दलों पर घटनाओं का दबाव रहा। पुलिस को घरेलू हिंसा और शराब से संबंधित मामलों की अधिक संख्या में कॉल आई। वहीं, अनियंत्रित और खतरनाक जगहों पर जलाई गई आग की घटनाओं को बुझाने के लिए बचाव दलों को बार-बार भेजा गया। छुट्टियों के लम्बे सप्ताहांत के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान असामाजिक तत्वों की गतिविधियों में वृद्धि देखी गई। पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त गश्त लगाई। आगजनी की घटनाओं से संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका थी, जिसे बचाव दलों ने समय रहते विफल किया। इस घटनाक्रम से कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता फिर से उजागर हुई है।
