स्विस आइस हॉकी कोच पैट्रिक फिशर ने कोविड-19 प्रमाणपत्रों से जुड़े घोटाले पर पहली बार सार्वजनिक रूप से बात की है। इस घोटाले के कारण उन्हें हाल ही में हुई विश्व चैम्पियनशिप में राष्ट्रीय टीम के कोच पद से हटा दिया गया था। फिशर ने बताया कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और टीकाकरण नहीं करवाया। उन्होंने इस मामले में अपनी प्रतिष्ठा को हुए नुकसान पर भी टिप्पणी की। फिशर का कहना है कि उन्होंने कभी भी नियमों का उल्लंघन करने का इरादा नहीं किया था, लेकिन उन्होंने अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता को महत्व दिया। इस घटना ने स्विस हॉकी जगत में काफी हलचल मचा दी थी। मामले की जांच जारी है और आगे भी नए खुलासे हो सकते हैं।