हांगकांग विश्वविद्यालय के चिकित्सा संकाय ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश आवश्यकताओं में कैंटोनीज़ के स्थान पर चीनी भाषा दक्षता को अनिवार्य करने का उद्देश्य किसी विशेष पृष्ठभूमि के छात्रों को निशाना बनाना नहीं था। विश्वविद्यालय ने एक बयान में कहा कि यह बदलाव प्रवेश मानकों को कम करने के समान नहीं है। यह निर्णय पाठ्यक्रम की आवश्यकताओं और भविष्य के चिकित्सकों के लिए आवश्यक भाषा कौशल को ध्यान में रखकर लिया गया था। संकाय का कहना है कि चीनी भाषा की दक्षता चिकित्सा क्षेत्र में संवाद और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय ने यह भी आश्वासन दिया है कि सभी योग्य छात्रों को समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। इस बदलाव से छात्रों के बीच चिंताएं पैदा हो गई थीं, लेकिन विश्वविद्यालय ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। यह कदम हांगकांग में भाषा और शिक्षा से जुड़े जारी बहस के बीच आया है।