हांगकांग में एक 12 वर्षीय बच्ची और उसकी 48 वर्षीय माँ की दुखद मौत के बाद, श्रम एवं कल्याण सचिव क्रिस सन ने अस्पताल के फैसले का बचाव किया है। उन्होंने इस मामले को चिकित्सा और सामाजिक कार्यकर्ताओं के ‘पेशेवर निर्णय’ का परिणाम बताया है। बच्ची की माँ की मृत्यु के तुरंत बाद बच्ची को घर भेज दिया गया था, जिसके बाद उसकी भी मौत हो गई। सन ने कहा कि मामले में सभी उचित प्रक्रियाएं अपनाई गईं और कर्मचारियों ने बच्ची की स्थिति का आकलन करने के बाद ही निर्णय लिया। इस घटना ने हांगकांग में सामाजिक सेवाओं और कमजोर परिवारों के समर्थन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों से बचा जा सके। विपक्ष ने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की है और अस्पताल के निर्णय पर कड़ी आलोचना की है।